
जय हिंद दोस्तों, आज के इस लेख में हम सेना पेंशनर्स से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा करेंगे। इस लेख में निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की जाएगी:
- मार्च की पेंशन का भुगतान कब होगा?
- OROP-3 की पेंशन वृद्धि: क्या करें यदि पेंशन में वृद्धि नहीं हुई है?
- डीएसपी (डिफेंस सैलरी पैकेज) अकाउंट: किन पेंशनर्स को मिलती है यह सुविधा?
- डिसेबिलिटी पेंशन: किन परिस्थितियों में मिलती है और किनमें नहीं?
- नोशनल इंक्रीमेंट: 2006 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स के लिए क्या है नियम?
- जनवरी 2025 से बढ़ने वाले डीए/डीआर के बारे में सच्चाई।
आइए, इन विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हैं।
1. मार्च की पेंशन का भुगतान कब होगा?
पेंशनर्स के बीच यह सवाल आम है कि मार्च महीने की पेंशन कब उनके खाते में जमा होगी। आम तौर पर, वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने यानी मार्च की पेंशन का भुगतान अप्रैल महीने में किया जाता है। पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर, मार्च 2024 की पेंशन 2 या 3 अप्रैल 2024 को जमा की गई थी। इसलिए, उम्मीद की जा सकती है कि इस वर्ष भी मार्च 2025 की पेंशन 2 या 3 अप्रैल 2025 को आपके खाते में जमा होगी। यह देरी वित्तीय वर्ष के समापन और संबंधित प्रक्रियाओं के कारण होती है।
2. OROP-3 की पेंशन वृद्धि: क्या करें यदि पेंशन में वृद्धि नहीं हुई है?
वन रैंक वन पेंशन (OROP) योजना के तीसरे चरण (OROP-3) के तहत, सिपाही से लेकर हवलदार तक के पेंशन में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। उदाहरण के लिए, सिपाही की पेंशन ₹18,807 से बढ़कर ₹20,450 हो गई है, नायक की पेंशन ₹20,107 से बढ़कर ₹22,175 हो गई है, और हवलदार की पेंशन ₹21,782 से बढ़कर ₹23,475 हो गई है。
यदि आपके पेंशन में यह वृद्धि लागू नहीं हुई है, तो सबसे पहले अपने बैंक या पेंशन वितरण अधिकारी से संपर्क करें। यदि वहां से समाधान नहीं मिलता है, तो आप CPGRAMS (सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रिवांस रिड्रेसल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम) में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यदि इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होता है, तो आप अपने संबंधित रिकॉर्ड कार्यालय को पत्र लिख सकते हैं, जो आपकी ओर से स्पर्श (Sparsh) सेल फोर सेक्शन को आपकी समस्या के समाधान के लिए पत्र भेज सकता है। यह प्रक्रिया आपकी पेंशन वृद्धि सुनिश्चित करने में सहायक हो सकती है।
3. डीएसपी (डिफेंस सैलरी पैकेज) अकाउंट: किन पेंशनर्स को मिलती है यह सुविधा?
डिफेंस सैलरी पैकेज (डीएसपी) अकाउंट की सुविधा भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों के साथ-साथ सीआरपीएफ के जवानों और पेंशनर्स को भी प्रदान की जाती है। यह सुविधा विभिन्न बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई जाती है, जैसे एसबीआई, पीएनबी, यूबीआई आदि। डीएसपी अकाउंट के तहत पेंशनर्स और सेवारत कर्मियों को विशेष लाभ मिलते हैं, जैसे शून्य बैलेंस की सुविधा, नि:शुल्क चेकबुक, और अन्य बैंकिंग सुविधाएँ। अधिक जानकारी के लिए, आप अपने संबंधित बैंक से संपर्क कर सकते हैं।

4. डिसेबिलिटी पेंशन: किन परिस्थितियों में मिलती है और किनमें नहीं?
डिसेबिलिटी पेंशन प्रदान करने से पहले, मेडिकल बोर्ड द्वारा यह मूल्यांकन किया जाता है कि विकलांगता (डिसेबिलिटी) किस कारण से हुई है। यदि यह सैन्य सेवा के दौरान या सेवा से संबंधित गतिविधियों के कारण हुई है, तो डिसेबिलिटी पेंशन प्रदान की जाती है। हालांकि, यदि विकलांगता शराब के अत्यधिक सेवन या अन्य गैर-सेवा संबंधित कारणों से हुई है, तो डिसेबिलिटी पेंशन प्रदान नहीं की जाती। उदाहरण के लिए, यदि कोई जवान अत्यधिक शराब सेवन के कारण लिवर फेलियर का शिकार होता है, तो उसे डिसेबिलिटी पेंशन नहीं मिलेगी। इसलिए, डिसेबिलिटी पेंशन के लिए विकलांगता का कारण और उसकी सेवा संबंधी प्रासंगिकता महत्वपूर्ण होती है।
5. नोशनल इंक्रीमेंट: 2006 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स के लिए क्या है नियम?
नोशनल इंक्रीमेंट की अवधारणा 2006 से लागू की गई थी। इसलिए, 2006 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स इस लाभ के पात्र नहीं हैं। यह निर्णय कानूनी परामर्श और सरकारी नीतियों के आधार पर लिया गया है। यदि आप 2006 से पहले सेवानिवृत्त हुए हैं, तो नोशनल इंक्रीमेंट के लिए पात्रता नहीं है। अधिक जानकारी के लिए, आप अपने संबंधित रिकॉर्ड कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
6. जनवरी 2025 से बढ़ने वाले डीए/डीआर के बारे में सच्चाई
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि होली से पहले महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 4% की वृद्धि की जाएगी। हालांकि, आधिकारिक आंकड़ों और एआईसीपीआई (ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) के अनुसार, जनवरी 2025 से डीए/डीआर में 2% की वृद्धि संभावित है, जिससे यह 53% से बढ़कर 55% हो जाएगा। आधिकारिक घोषणा कैबिनेट बैठक के बाद ही की जाएगी,
