
तीन महत्वपूर्ण पत्र और उनकी जानकारी
आठवें वेतन आयोग को लेकर हाल ही में तीन महत्वपूर्ण पत्र जारी हुए हैं। ये पत्र विभिन्न सरकारी संगठनों और संस्थाओं द्वारा भेजे गए हैं, जिनमें वेतन आयोग के गठन और कर्मचारियों की मांगों से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। आइए इन पत्रों को विस्तार से समझते हैं—
1. पहला पत्र – 7 मार्च 2025
यह पत्र DOPT (Department of Personnel and Training) द्वारा जारी किया गया था, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (TOR) तैयार किए जा रहे हैं। इसमें सभी सरकारी संगठनों को यह निर्देश दिया गया है कि वे अपने कर्मचारियों की वेतन और भत्तों से जुड़ी मांगों को संकलित करें और सरकार को भेजें।
2. दूसरा पत्र – 10 मार्च 2025
यह पत्र नौसेना मुख्यालय द्वारा जारी किया गया था। इसमें नौसेना के सिविलियन स्टाफ से संबंधित निर्देश दिए गए हैं—
- चारों नौसेना कमांड को पत्र की प्रति भेजी गई है।
- सभी यूनिट्स, यूनियन्स, फेडरेशन और एसोसिएशन को निर्देश दिया गया है कि वे 15 मई 2025 तक अपने प्रस्ताव और मांगें सौंपें।
- बोर्ड ऑफ ऑफिसर्स द्वारा इन प्रस्तावों को स्क्रूटनाइज़ कर सरकार को भेजा जाएगा।
3. तीसरा पत्र – 14 मार्च 2025
यह पत्र नेशनल एक्स-सर्विसमैन कोऑर्डिनेशन कमेटी द्वारा जारी किया गया था, जिसे रक्षा मंत्रालय (MOD) द्वारा मान्यता प्राप्त है।
- इस पत्र में सभी संबद्ध यूनिट्स को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी मांगों को संकलित कर अप्रैल के पहले सप्ताह तक कमेटी को भेजें।
- यह कमेटी इन मांगों को वेतन आयोग के पैनल के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
आठवें वेतन आयोग को लेकर कई संघों और कर्मचारियों ने अपनी मांगें प्रस्तुत की हैं। प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं—
1. वेतन आयोग का तुरंत गठन
सरकार से मांग की गई है कि आठवें वेतन आयोग का पैनल जल्द से जल्द गठित किया जाए, ताकि कर्मचारियों की वेतन संबंधी विसंगतियों को समय पर दूर किया जा सके।
2. नई पेंशन योजना (NPS) को खत्म किया जाए
कई कर्मचारी संघों की प्रमुख मांग यह है कि NPS (National Pension System) और UPS (Unified Pension Scheme) को खत्म किया जाए और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया जाए।
3. 18 महीने का बकाया महंगाई भत्ता (DA) जारी किया जाए
कोविड-19 के दौरान रोक दिया गया 18 महीने का DA/DR कर्मचारियों को जल्द से जल्द जारी किया जाए।
4. अनुकंपा नियुक्ति की अवधि घटाई जाए
वर्तमान में अनुकंपा आधार पर नियुक्ति के लिए 15 वर्षों की बाध्यता है। इसे घटाकर 12 वर्ष करने की मांग की गई है।
5. अनुकंपा नियुक्ति पर लगाई गई सीमा को हटाया जाए
अनुकंपा नियुक्तियों पर लगी सीलिंग को हटाने की मांग की गई है, ताकि अधिक योग्य उम्मीदवारों को इस योजना का लाभ मिल सके।
6. सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरा जाए
- सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों को शीघ्र भरा जाए।
- आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा को समाप्त किया जाए।
7. सेवा संघों और महासंघों को मान्यता दी जाए
- कर्मचारियों के संघों (Associations) और महासंघों (Federations) को मान्यता दी जाए।
- JCM (Joint Consultative Machinery) के तहत कर्मचारी संघों को लोकतांत्रिक रूप से कार्य करने की अनुमति दी जाए।
8. अस्थायी और संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए
- कैजुअल, संविदा (Contractual) और GDS (Gramin Dak Sevak) कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
- इन्हें केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के समान दर्जा दिया जाए।
सरकार की प्रतिक्रिया और अगली कार्यवाही
अब तक सरकार ने आठवें वेतन आयोग का पैनल गठित नहीं किया है, लेकिन विभिन्न सरकारी विभाग और कर्मचारी संगठन अपनी-अपनी मांगों को संकलित कर सरकार को भेज रहे हैं।
आगे की संभावनाएँ
- विभिन्न संगठनों की सिफारिशों के आधार पर जल्द ही आठवें वेतन आयोग का गठन किया जा सकता है।
- सरकार कर्मचारियों की मांगों पर विचार कर सकती है और संभावित वेतन वृद्धि पर निर्णय ले सकती है।
- पेंशन योजना को लेकर भी बड़ी घोषणाएँ हो सकती हैं।