1st Ever Wedding at Rashtrapati Bhavan

। आज हम एक ऐतिहासिक घटना पर चर्चा करने जा रहे हैं, जो भारतीय इतिहास में पहली बार घटित होने जा रही है। हम बात कर रहे हैं सीआरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट पूनम गुप्ता की, जिनकी शादी राष्ट्रपति भवन में होने जा रही है। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय सुरक्षा बलों के प्रति राष्ट्रपति भवन का विशेष सम्मान भी दर्शाता है।

कौन हैं पूनम गुप्ता?

पूनम गुप्ता सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट हैं और वर्तमान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर के रूप में तैनात हैं। वे पहले भी चर्चाओं में रह चुकी हैं, जब 74वें गणतंत्र दिवस परेड में उन्होंने ऑल वुमेन कंटिंजेंट का नेतृत्व किया था।

कैसे मिली शादी के लिए राष्ट्रपति भवन की स्पेशल परमिशन?

राष्ट्रपति भवन, जो कि भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास है, अब तक किसी भी निजी समारोह के लिए नहीं खुला था। लेकिन पूनम गुप्ता के समर्पण, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के प्रति निष्ठा को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी शादी के लिए विशेष अनुमति दी है।

शादी कब और कहां होगी?

पूनम गुप्ता और उनके मंगेतर अविनाश कुमार, जो कि सीआरपीएफ में ही असिस्टेंट कमांडेंट हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं, की शादी 12 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति भवन के मदर टेरेसा ग्राउंड में होगी। यह एक प्राइवेट सेरेमनी होगी, जिसमें केवल करीबी परिजन शामिल होंगे।

राष्ट्रपति भवन का ऐतिहासिक महत्व

राष्ट्रपति भवन को ब्रिटिश आर्किटेक्ट सर एडविन लुटियंस ने डिजाइन किया था। यह 340 कमरों वाला विशाल भवन है और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा राष्ट्राध्यक्ष निवास है। आज तक यहां केवल राजकीय समारोह और हाई-प्रोफाइल स्वागत होते आए हैं, लेकिन पहली बार किसी की शादी आयोजित होने जा रही है।

पूनम गुप्ता का सफर – संघर्ष से सफलता तक

  • मूल रूप से मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से हैं।
  • गणित में ग्रेजुएशन और अंग्रेजी साहित्य में मास्टर्स किया।
  • ग्वालियर से बी.एड. करने के बाद 2018 में UPSC CAPF परीक्षा पास की और ऑल इंडिया 81वीं रैंक हासिल की।
  • नक्सल प्रभावित बिहार में भी तैनाती मिली, जहां उन्होंने बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया।

क्या यह एक नए दौर की शुरुआत है?

पूनम गुप्ता की यह ऐतिहासिक शादी भारतीय सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में क्या अन्य अधिकारी भी ऐसी विशेष अनुमति प्राप्त कर सकते हैं।

आपको क्या लगता है, क्या यह परंपरा आगे भी जारी रह सकती है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

जय हिंद!

Hi im Rajani Singh. Helping veterans and ex-servicemen is a noble and impactful cause. These individuals have dedicated a significant portion of their lives to serving their country, often facing immense physical and emotional challenges. Supporting them as they transition back into civilian life can involve offering job opportunities, mental health care, housing, and community support. Many veterans struggle with post-traumatic stress disorder (PTSD) or physical disabilities, and ensuring they have access to quality healthcare and rehabilitation services is crucial. Educational programs and skill development initiatives can also help them reintegrate into the workforce. Moreover, creating a supportive and understanding community helps veterans regain a sense of belonging and purpose. By advocating for their needs, we honor their service and sacrifices, ensuring they receive the care and respect they deserve.

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