Merge 50% DADR for Interim Relief before 8th CPC Execution??

दोस्तों, जैसा कि आप सभी जानते हैं, आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को 1 जनवरी 2026 से लागू होना था, लेकिन अभी तक इसके गठन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसी संदर्भ में, राज्यसभा में अंतरिम राहत (Interim Relief) की मांग को लेकर सवाल उठाया गया, जिसमें महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को बेसिक पे और पेंशन में मर्ज करने की बात कही गई। आइए जानते हैं कि राज्यसभा में क्या चर्चा हुई और सरकार ने क्या जवाब दिया।
राज्यसभा में उठाया गया सवाल
18 मार्च 2025 को वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के व्यय विभाग (Department of Expenditure) से एक महत्वपूर्ण प्रश्न किया गया।
प्रश्न:
➡️ “क्या सरकार DA और DR को 50% तक बेसिक पे और पेंशन में मर्ज करने की योजना बना रही है?”
➡️ “अगर हां, तो इसकी प्रक्रिया क्या होगी, और अगर नहीं, तो इसकी वजह क्या है?”
इस सवाल के पीछे मुख्य कारण महंगाई में लगातार वृद्धि और कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों पर पड़ने वाला आर्थिक प्रभाव था।
सरकार की प्रतिक्रिया – वित्त राज्य मंत्री का उत्तर
इस सवाल का जवाब वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने दिया। उनका उत्तर संक्षिप्त और स्पष्ट था:
❌ “नहीं, सरकार DA/DR को 50% तक बेसिक पे और पेंशन में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव नहीं रखती।”
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि:
✅ महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) का निर्धारण ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर होता है।
✅ 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) द्वारा सुझाए गए फॉर्मूले के अनुसार DA/DR की गणना की जाती है।
✅ 1 जनवरी 2016 से अब तक कुल 15 बार DA/DR की किस्तें जारी की जा चुकी हैं।
सरकार का यह निर्णय कई सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए निराशाजनक हो सकता है, लेकिन अभी आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और उसकी सिफारिशों का इंतजार करना होगा।
आगे क्या होगा?
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार भविष्य में DA/DR को मर्ज करने पर विचार करेगी?
➡️ अगर महंगाई दर और बढ़ती है, तो सरकार पर इस दिशा में कोई निर्णय लेने का दबाव बढ़ सकता है।
➡️ आठवें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू होने पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
आपकी इस विषय पर क्या राय है? अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
अगली महत्वपूर्ण जानकारी के साथ फिर मिलेंगे। तब तक के लिए जय हिंद, जय भारत!