
भारतीय सेना और पूर्व सैनिकों के लिए नए नियम और एडवाइजरी: पूरी जानकारी
परिचय
जय हिंद दोस्तों! आज हम इस लेख में भारतीय सेना के जवानों और पूर्व सैनिकों से जुड़े नए नियमों, एडवाइजरी और सरकारी योजनाओं की चर्चा करेंगे। हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ खबरें वायरल हो रही हैं, जिनमें पेंशन, मेडिकल अलाउंस और अन्य लाभों में बदलाव को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। इस लेख में हम इन सभी पहलुओं को विस्तार से समझेंगे और सटीक जानकारी देंगे।
ऑनरी नायब सूबेदार की पेंशन को लेकर फैली अफवाह
क्या सोशल मीडिया की खबरें सही हैं?
हाल ही में सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हो रही है कि सभी ऑनरी नायब सूबेदार (Hon. Naib Subedar) को रेगुलर नायब सूबेदार की पेंशन मिलेगी। कुछ लोग दिल्ली एफटीडी (Armed Forces Tribunal) के आदेश का हवाला देकर दावा कर रहे हैं कि वे रेगुलर नायब सूबेदार की पेंशन ले सकते हैं।
हकीकत क्या है?
- यह सच है कि दिल्ली एटी (AFT) ने 61 ऑनरी नायब सूबेदारों के पक्ष में फैसला सुनाया था।
- हालांकि, इस फैसले के आधार पर सभी ऑनरी नायब सूबेदारों को रेगुलर नायब सूबेदार की पेंशन नहीं मिलेगी।
- इस आदेश को यदि सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाती है और वहां से स्पष्ट आदेश आता है, तभी यह लागू होगा।
- अगर किसी ऑनरी नायब सूबेदार को रेगुलर नायब सूबेदार की पेंशन चाहिए, तो उन्हें अलग से कोर्ट केस करना पड़ेगा।
निष्कर्ष:
सोशल मीडिया पर वायरल खबरें भ्रमित करने वाली हैं। अभी इस आधार पर पेंशन में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
पूर्व सैनिकों के लिए एफएमए (Fixed Medical Allowance) का नियम

एफएमए का पैसा एक ही बार मिलेगा
- बहुत से पूर्व सैनिक, जो सेना से रिटायर होने के बाद सिविल सेवा में नौकरी करते हैं, यह जानना चाहते हैं कि क्या वे दोनों जगहों से एफएमए ले सकते हैं?
- सरकार के नियमों के अनुसार, एक पेंशनर केवल एक ही जगह से एफएमए का लाभ उठा सकता है।
- यदि कोई पेंशनर आर्मी से भी एफएमए ले रहा है और सिविल सेवा से भी, तो यह गलत है और सरकारी नियमों के खिलाफ है।
सीजीएचएस और ईसीएचएस में से एक ही सुविधा मिलेगी
- कुछ पेंशनर्स सेना की ECHS (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) और सिविल की CGHS (Central Government Health Scheme) दोनों सुविधाएं लेना चाहते हैं।
- सरकार का नियम स्पष्ट है: या तो आप ECHS लें या CGHS, दोनों नहीं।
निष्कर्ष:
पेंशनर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे एफएमए का पैसा केवल एक ही जगह से लें और एक ही मेडिकल सुविधा का लाभ उठाएं।
SBI का नया पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर
क्या बदले हैं नियम?
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने सेना, वायुसेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों और पेंशनर्स के लिए पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर (Personal Accident Insurance Cover) के नियमों में बदलाव किया है।
बदलाव इस प्रकार हैं:
- सर्विंग जवानों के लिए:
- पहले यह 50 लाख रुपये का था, अब इसे 1 करोड़ कर दिया गया है।
- एयर एक्सीडेंट कवर भी बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दिया गया है।
- पूर्व सैनिकों (पेंशनर्स) के लिए:
- पहले पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर 30 लाख रुपये था, अब इसे 50 लाख कर दिया गया है।
- फैमिली पेंशनर्स के लिए नई सुविधा:
- एसबीआई ने एक नया बैंक खाता “शौर्य फैमिली पेंशन अकाउंट” (Shaurya Family Pension Account) शुरू किया है, जिसे जीरो बैलेंस पर खोला जा सकता है।
- इसमें पेंशन लोन, फ्री आरटीजीएस/एनईएफटी ट्रांजेक्शन और गोल्ड डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
निष्कर्ष:
सर्विंग जवानों, पेंशनर्स और उनके परिवारों के लिए SBI ने बेहतरीन सुविधाएं लागू की हैं, जिससे उनका भविष्य अधिक सुरक्षित होगा।
डीएसपी पेंशन अकाउंट में बदलाव क्यों जरूरी है?
- कई बार पेंशनर्स का एक्सीडेंट हो जाता है और उनके परिवार को इंश्योरेंस क्लेम नहीं मिल पाता।
- इसका मुख्य कारण यह है कि उनका सैलरी अकाउंट डीएसपी पेंशन अकाउंट में कन्वर्ट नहीं हुआ होता।
- समाधान: पेंशनर्स को अपने बैंक जाकर सैलरी अकाउंट को डीएसपी पेंशन अकाउंट में कन्वर्ट करवाना चाहिए, ताकि परिवार को सभी सुविधाएं मिल सकें।
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का फिटमेंट फैक्टर
क्या होगा फिटमेंट फैक्टर?
8वें वेतन आयोग (8th CPC) में फिटमेंट फैक्टर को लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं। फिटमेंट फैक्टर का सीधा असर सैलरी और पेंशन पर पड़ेगा।
संभावित फिटमेंट फैक्टर और सैलरी:
क्या सरकार 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू करेगी?
- यदि सरकार 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो यह अब तक का सबसे बड़ा वेतन बढ़ोतरी (Pay Hike) होगा।
- कई संगठन सरकार से 2.86 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।
- हालांकि, सरकार 2.00 या उससे कम फिटमेंट फैक्टर देने की योजना बना रही है।
निष्कर्ष:
सरकार यदि 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो यह सैनिकों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी राहत होगी।
निष्कर्ष
- ऑनरी नायब सूबेदार को रेगुलर नायब सूबेदार की पेंशन फिलहाल नहीं मिलेगी।
- एफएमए (Fixed Medical Allowance) का लाभ केवल एक पेंशन से मिलेगा।
- SBI ने एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर को बढ़ाकर जवानों और पेंशनर्स को बड़ी राहत दी है।
- डीएसपी पेंशन अकाउंट कन्वर्ट कराना जरूरी है, ताकि इंश्योरेंस का लाभ मिल सके।
- 8वें वेतन आयोग में 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर सैनिकों और पेंशनर्स को बड़ा फायदा होगा।
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